Chapter 205
अवनी का जुनून और दास्तान की बेरुखी
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अवनी मुस्कुराते हुए दास्तान के सामने खड़ी थी। दास्तान की आँखें छोटी हो गईं। उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ करते हुए कहा, "तुम यहाँ क्या कर रही हो? यहाँ से जाओ। मैं थोड़ी देर अकेले