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इश्क़-ऐ-बाजार
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कोठे पर पली-बढ़ी 17 साल की कोहिनूर, कभी उस दुनिया का हिस्सा नहीं थी।उसने हमेशा उड़ने के ख्वाब देखे थे। वो कीचड़ में खिला वो कमल थी, जो बाजार मे रहते हुए भी बाजार की रौनक का हिस्सा नहीं बनी थी। वो बाज़ार मे थी… पर बाजार की नहीं थी। लेकिन किस्मत को कब किसी की ...
कोठे पर पली-बढ़ी 17 साल की कोहिनूर, कभी उस दुनिया का हिस्सा नहीं थी।उसने हमेशा उड़ने के ख्वाब देखे थे। वो कीचड़ में खिला वो कमल थी, जो बाजार मे रहते हुए भी बाजार की रौनक का हिस्सा नहीं बनी थी। वो बाज़ार मे थी… पर बाजार की नहीं थी। लेकिन किस्मत को कब किसी की ख्वाहिशों की परवाह रही है? एक सौदे ने उसकी जिंदगी की दिशा ही मोड़ दी। जब उसे पर नजर पड़ती है एक रूड और एरोगेंट बिजनेसमैन दास्तान शाह की जो उम्र में कोहिनूर से 11 साल बढ़ा है। जिसे नफरत है हर बाजारु में चीज से। क्या होगा इस कहानी का अंजाम जब दो अलग दुनिया के लोग एक दूसरे के वजूद से टकराएंगे। कोहिनूर आजाद हो पाएगी या फिर से वह इस बदनाम गलियों में पहुंच जाएगी जहां उसकी किस्मत लिखी गई है। जाने के लिए पढ़िए इश्क़ -ऐ-बाज़ार
Chapter
314
Words
453.4K
Updated
6 hrs ago
Published
May 12, 2025
Published Chapters
रेड लाइट एरिया की कोहिनूर - Chapter 1
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कोठे की कोहिनूर पहली बार महफिल में नीलम होने जा रही है - Chapter 2
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शाह को रिझाना है - Chapter 3
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मोय दुपट्टे से तो तेरा सारा हुस्न छुप गया है!" - Chapter 4
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शरीफों की शराफत उत्तरी जाती है - Chapter 5
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जो शाह के दिल में जगह बना ले. वो बाजार की नहीं, ब्रांड की होगी।" - Chapter 6
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मुझे मस्त माहौल में जीने दे - Chapter 7
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उम्र अब उसके लिए एक ताला बन चुकी थी,जिसकी चाबी किसी और के पास थी। - Chapter 8
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इस लड़की को मारना है क्या जो भाई के सामने आ रही है?” - Chapter 9
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कोहिनूर दास्तान के साथ अकेले कमरे में - Chapter 10
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हुस्न-ए-जाना की तारीफ़ मुमकिन नहीं - Chapter 11
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तो बताओ, कैसा टच पसंद है तुम्हें, स्वीटहार्ट - Chapter 12
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तुम्हें मसाज तो आती होगी - Chapter 13
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तुम अभी भी कुंवारी हो? - Chapter 14
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वो इस पाप का खिलौना बन चुकी थी, - Chapter 15
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अंदर की आग़ को शांत करना जरूरी है - Chapter 16
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वो लड़की एक धंधे वाली है... - Chapter 17
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आधे टूटे हुए दिल का पेंडेंट है - Chapter 18
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पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर - Chapter 19
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शाह की नज़रें राबिया पर - Chapter 20
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बाज़ारू औरत... कभी किसी की दुल्हन नहीं बनती..."
- Chapter 21
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तुम्हरी बोली लगेगी, और हर रात तुम्हारे सपनों का सौदा होगा।” - Chapter 22
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तुम्हें हर उस आदमी के पास जाना होगा, जो तुम्हारे लिए पैसे देगा - Chapter 23
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सावन ने आज तो मुझ को भिगो दिया
हाय मेरी लाज ने, मुझ को डुबो दिया - Chapter 24
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मरे हुए गीदड़ का शिकार नहीं करता है शाह - Chapter 25
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मुझे जो नशा बेकाबू कर दे, वो इन शराबों में नहीं, बल्कि तुम में है - Chapter 26
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तुम मेरी बाहों में टूटोगी..मोहब्बत में, तड़प में, और सिर्फ़ मेरे लिए..." - Chapter 27
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मेरे पास पूरी रात है तुम्हें सज़ा देने के लिए। - Chapter 28
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चॉकलेट के साथ मेरे अरमान भी मेल्ट होंगे - Chapter 29
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शाह अपनी चीज़ों में बँटवारा नहीं करता है।" - Chapter 30
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तुम बिना मेकअप के ज्यादा खूबसूरत लगती हो स्वीटहार्ट - Chapter 31
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जिसने ये आग लगाई है,वही अब इसे बुझाएगी। - Chapter 32
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कोहिनूर के लिए एक नया कस्टमर आ रहा है - Chapter 33
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कोहिनूर की मिली दर्दनाक सजा - Chapter 34
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अपनी रक्षा पहले स्वयं करो. - Chapter 35
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भाग जा कोहिनूर
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आजादी की खुशबू
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बुरी मुसीबत में फांसी कोहिनूर
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सलाखें
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तुम अभी भी कुंवारी हो
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कोठे पर पली-बढ़ी 17 साल की कोहिनूर, कभी उस दुनिया का हिस्सा नहीं थी।उसने हमेशा उड़ने के ख्वाब देखे थे। वो कीचड़ में खिला वो कमल थी, जो बाजार मे रहते हुए भी बाजार की रौनक का हिस्सा नहीं बनी थी। वो बाज़ार मे थी… पर बाजार की नहीं थी। लेकिन किस्मत को कब किसी की ख्वाहिशों की परवाह रही है? एक सौदे ने उसकी जिंदगी की दिशा ही मोड़ दी। जब उसे पर नजर पड़ती है एक रूड और एरोगेंट बिजनेसमैन दास्तान शाह की जो उम्र में कोहिनूर से 11 साल बढ़ा है। जिसे नफरत है हर बाजारु में चीज से। क्या होगा इस कहानी का अंजाम जब दो अलग दुनिया के लोग एक दूसरे के वजूद से टकराएंगे। कोहिनूर आजाद हो पाएगी या फिर से वह इस बदनाम गलियों में पहुंच जाएगी जहां उसकी किस्मत लिखी गई है। जाने के लिए पढ़िए इश्क़ -ऐ-बाज़ार
Kartik Ōñ
पूरी रात कम है बातो के लिए • 1 day ago
Payal Nandeshwar
पूरी रात कम है बातो के लिए • 3 days ago
Soniya Kishori
पूरी रात कम है बातो के लिए • 3 days ago
Payal Nandeshwar
3 days ago
achha lga read krke pyari story h
0 likes • पूरी रात कम है बातो के लिए
Soniya Kishori
3 days ago
very nice story
0 likes • पूरी रात कम है बातो के लिएNo fan art available for this story yet.
bss alg mt krna inko
0 likes • पूरी रात कम है बातो के लिए