Chapter 39
सलाखें
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उसके पूरे बदन में दर्द हो रहा था। दर्द से कराहते हुए उसने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं। पता नहीं वह कितने समय से बेहोश पड़ी हुई थी। उसका सिर बुरी तरह से चकरा रहा था और आँखें खुलने का