Chapter 374
बेशर्म इश्क़ - Chapter 374
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
रात का समय था और शादी का हाल हल्की-सी रोशनी और फूलों की सजावट से जगमगा रहा था। कमरे में हल्की-सी मिठास घुली थी—फूलों की खुशबू, हल्की लाइटिंग, और कहीं दूर से आती हल्की-सी म्यूज़िक।