Chapter 315
बेशर्म इश्क़ - Chapter 315
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सरोज ने गहरी साँस ली, लेकिन उनका स्वर कठोर ही रहा। “अनन्या, तुम्हें समझना होगा। ये ज़िद का मामला नहीं है। तुम्हारी शादी सिर्फ़ अजय से होगी। और किसी से नहीं। चाहे तुम्हें अच्छा लगे