Chapter 25
बेशर्म इश्क़ - Chapter 25
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कमरा अब भी वैसा ही था — हल्का अंधेरा, दीवारों पर बिखरी चाँदनी, और उस बीच रैना एक बार फिर अकेली बैठी थी। वही लाल लहंगा, वही चूड़ियों की धीमी खनक, लेकिन इस बार उसके मन में एक नई हलचल