Chapter 13
Ek Diwane Ki Deewaniyat - Chapter 13
एक तरफ रूद्राक्ष ऑफिस के लिए रेडी हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ
मेहर जल्दी जल्दी घर के सारे काम निपटा रही थी, कभी रसोई से बर्तन की आवाज आती तो कभी बाथरूम में से कपड़े धोने की आवाज। डेढ़ घंटा लगा लेकिन मेहर ने घर का सारा काम निपटा लिया। सुबह का नाश्ता और दोपहर की सब्जी भी बनाकर रख चुकी थी।
उसने घड़ी न टाइम देखा जिसमें फिलहाल सवा आठ बज रहे थे। टाइम देखते
मेहर जल्दी-जल्दी काम निपटा रही थी।
रसोई में बर्तन की हल्की-हल्की आवाज़ गूंज रही थी।
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