Chapter 7
Ek Diwane Ki Deewaniyat - Chapter 7
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"मेरे पास choice नहीं है, स्नेहा…" मेहर की आवाज इतनी धीमी थी कि जैसे वो खुद से हार मान चुकी हो, और उसने बिना माने भी अपने मामा मामी का फैसला मान लिया हो।
स्नेहा ने तुरंत उसका चेहरा अपनी तरफ घुमा दिया।
"हर किसी के पास choice होती है, मेहर! तू कोई बच्ची नहीं है। तू MBA कर रही है… समझदार है… कॉलेज की बेस्ट स्टूडेंट है और सबसे बड़ी बात, ये तेरी जिंदगी है!"
स्नेहा की बातें सुन मेहर की आँखों में फिर आँसू भर आए।
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