Chapter 6
Ek Diwane Ki Deewaniyat - Chapter 6
तुषार ने उसकी तरफ देखा। कुछ सेकंड… बस देखते रहे।
उस नजर में अपनापन नहीं था… जैसे वो उसे परख रहे हों।
फिर बोले, "हाँ… और तू ठीक से तैयार हो जा। ऐसे घर वाले कपड़ों में मत रहना।"
मेहर पूरी तरह कन्फ्यूज़ हो गई। "लेकिन!!!"
"जो कहा है वो कर।" इस बार आवाज़ सख्त थी। दिल में अजीब-सा डर उतर आया।
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