Chapter 128
इश्क़ मुबारक (A Contract Marriage) - Chapter 128
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"मैंने अपनी करनी से अपना ओहदा खोया है। मैं तो किसी की पत्नी या माँ कहलाने के लायक नहीं। मैं माफ़ी नहीं, सज़ा की हकदार हूँ, जो मुझे इन बीते सालों में हर पल मिली है और अब इस सज़