Chapter 45
इश्क़ मुबारक (A Contract Marriage) - Chapter 45
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ईशान ने कशिश को फिर से घाट पर ले आया। उसकी इच्छानुसार दोनों नाव में सवार हुए। गंगा की लहरों पर बहती नाव में बैठकर कशिश चारों ओर उत्सुकता से देख रही थी। तभी उसकी नज़र सामने घाट पर पड़