Chapter 84
इश्क़ मुबारक (A Contract Marriage) - Chapter 84
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दिवाली के अगले दिन फैमिली डिनर में अभिषेक अपने पूरे परिवार के साथ आया था। सालों बाद दोनों परिवार साथ थे; कमी थी तो बस धीरज जी की। ईशान भी अभिषेक के कहने पर आज जल्दी घर लौट आया था।