Chapter 94
इश्क़ मुबारक (A Contract Marriage) - Chapter 94
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अपनी माँ को सालों बाद अपने सामने देखकर ईशान का दिल कुछ भावुक हुआ, पर उसने खुद को संभाला और अगले ही पल गुस्से, नफ़रत व कड़वाहट के मिले-जुले भाव से सवाल किया, "क्यों आई है अब आप यहाँ