Chapter 467
Beyhadh Wala Ishq - Chapter 467
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संध्या के कंधे पर हाथ रखते हुऐ-'सबका प्यार साथ आज भी है संध्या.....और तुम्हारा अक्षित आज भी तुम्हारे साथ है,मैं हूं साथ संध्या और अब हमेशा रहूंगा...जगाओ उस विश्वास को फिर ,मत हार म