Chapter 264
तुम्हारे चेहरे पर ये हारे हुए इंसान की भावना नहीं आनी चाहिए।
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जीवन जी के हाथों में अभी भी फोन था, जिसमें उनकी पहली पत्नी सुलेखा की कॉल आ रही थी। उन्होंने गुस्से में दाँत पीसते हुए फोन उठाया और एकदम से चिल्लाते हुए कहा, "अब तुम क्या चाहती हो,