कशिश, तुम्हें नौकरी से निकाला जाता है
मुंबई का एक फेमस रेस्टोरेंट…
"कशिश, तुम आज फिर देर से आई हो !"
सामने खड़ा मैनेजर गुस्से से चिल्लाते हुए कहता है । 21 साल की कशिश, छोटे से चेहरे और उदासी भरी आंखों के साथ मैनेजर को देख रही थी । उसने पुरानी सी जींस और एक सिंपल शर्ट पहन रखी थी । वह रेस्टोरेंट के पैंट्री के पास खड़ी थी, और चुपचाप मैनेजर की डांट सुन रही थी ।
"आई एम सॉरी, सर... लेकिन मैं क्या करूं ? मेरी बस छूट गई थी, जिस की वजह से मुझे पैदल आना पड़ा । प्लीज, मुझे माफ कर दीजिए । मैं आगे से ऐसा नहीं करूंगी," कशिश ने धीमी आवाज़ में कहा ।
मैनेजर ने गुस्से से उसे घूरते हुए कहा, "तुम अच्छी तरह जानती हो कि वीकेंड पर रेस्टोरेंट में लोग ज्यादा आते हैं । और तुम्हें आज ही के दिन देर से आना था ? बाहर कस्टमर की भीड़ बढ़ती जा रही है और वेट्रेस कम हैं । जल्दी जा कर तैयार हो जाओ और काम पर लगो ।"
कशिश जल्दी से अपना सर हां में हिलाती है और फटा फट चेंजिंग रूम में जा कर अपने वेट्रेस वाले कपड़े पहनती है । उसने एक सफेद शर्ट और ब्लैक पैंट पहनी, अपने लंबे बालों को पोनीटेल में बांधा और आईने में खुद को देखते हुए बेबी पिंक कलर का लिप ग्लॉस लगाया ।
फिर उसने कमर पर लाल और सफेद रंग के चेक जैसे कपड़े का एप्रन बांधा । एप्रन के पॉकेट में दो-तीन टिशू पेपर रखे और ड्रेस की टोपी पहन ली । अपने हाथ में छोटी सी नोट बुक और पेन लेकर वह जल्दी से चेंजिंग रूम से बाहर आई ।
मैनेजर गुस्से में उसे घूरते हुए बोला, "जल्दी काम पर लग जाओ ।"
कशिश एक टेबल के पास जाकर ऑर्डर लेती है और किचन में जाकर शेफ से कहती है, "दो पनीर टिक्का और दो मंचूरियन बोल ।"
शेफ उसका ऑर्डर लेकर चला जाता है । पास में खड़ी भव्या, जो कशिश की दोस्त थी, उसे देख कर कहती है, "तुम्हारे चेहरे पर 12 क्यों बजे हुए हैं ? लगता है आज फिर से मैनेजर सर ने तुम्हारी डांट लगाई है, है न ?"
और तुम्हें मेरी शक्ल देख कर क्या पता चल रहा है ?" कशिश ने उदास चेहरे के साथ कहा, तो भव्या हंस दी ।
वह सलाद काट रही थी और सलाद काटते हुए बोली, "क्या बात है ? सुबह-सुबह की क्लास अलग और मैनेजर से डांट पड़ी, वो अलग । कशिश, तुम्हारी जिंदगी तो ढोल बन गई है । जब जिस का मन करे, तब तुम्हें बजा देता है ।"
तभी वहां खाने की ट्रे लेकर आते हैं, और भव्या और कशिश दोनों सीधे खड़ी हो जाती हैं । जैसे ही सैफ ने खाना कशिश की तरफ बढ़ाया गया, कशिश ट्रे लेती है और कस्टमर के पास चली जाती है, जिन का वह ऑर्डर था । कशिश उन्हें देख कर मुस्कुराते हुए कहती है, "इंजॉय योर फूड ।"
"Excuse me..." कशिश ने जैसे ही यह आवाज सुनी, उस की आंखें एकदम बड़ी हो जाती हैं और चेहरा डर और घबराहट से भर जाता है । वह धीरे से पलट कर पीछे देखती है, और उसके चेहरे पर डर साफ नजर आने लगता है ।
सामने VIP सोफे पर एक औरत बैठी थी, जिस ने चेहरे पर घमंडी मुस्कान लिए कशिश को देखा और कहा, "मेरे लिए एक रेड वाइन ले कर आओ ।" कशिश की नज़रें उस औरत पर ही टिकी थीं, लेकिन उस ने अपने कदम आगे नहीं बढ़ाए, बल्कि घबराते हुए वहीं खड़ी रही ।
कशिश को अपनी जगह पर खड़ा देख कर, मैनेजर उसके पास आ कर उसे डांटते हुए बोले, "क्या कर रही हो, कशिश ? जाओ, जा कर मैडम के लिए रेड वाइन ले कर आओ !”
कशिश डरते हुए अपना चेहरा हां में हिलाती है । वह जल्दी से वाइन के जगह की तरफ चली जाती है । एक रेड वाइन की बोतल उठा कर, उसने एक गिलास में रेड वाइन डाला । उस के हाथ कांप रहे थे, जिस की वजह से रेड वाइन छलक कर ट्रे पर भी गिर गई थी । वह घबराते हुए टिशू पेपर को ट्रे पर रखती है और फिर उस ट्रे को पकड़ कर डरते हुए उस औरत की तरफ बढ़ने लगती है ।
जब औरत कशिश को अपनी तरफ आता हुआ देखती है, तो उसके चेहरे पर एक टेढ़ी स्माइल थी और उसके चेहरे पर मक्कारी तो नजर आ हु रही थी । जैसे ही कशिश उसके पास आती है, उसने धीरे से अपना सैंडल आगे किया, जिस से कशिश लड़खड़ा गई और उसके हाथों से ट्रे छूट कर औरत के कपड़ों पर गिर गई ।
कशिश वैसे ही डरी हुई थी, और उस के हाथों से ट्रे छूट कर कशिश को औरत के कपड़ों पर गिर जाती है । कशिश वैसे ही डरी हुई थी, और जब उस की ट्रे हाथों से छूटकर औरत के सफेद कपड़ों को खराब कर गई ।
तो वह और भी ज्यादा घबराते हुए उस औरत को देख कर कहती है, "सॉरी, प्लीज, मुझे माफ कर दीजिए ।" उसका पूरा चेहरा डर की वजह से पीला पड़ गया था । उसने जल्दी से नैपकिन ली और उस औरत के कपड़ों के ऊपर रखने लगी ।
लेकिन उस औरत ने कंधे से कशिश को धकेल कर दूर कर दिया और चिल्लाते हुए कहा, "हाथ मत लगाओ मुझे !"
वो इतनी तेज चिल्लाई कि मैनेजर के कानों तक आवाज चली गई । वह जल्दी से उस के पास आता है और कहता है, "क्या बात है, मैडम ? क्या हुआ है ?"
मैनेजर गुस्से में कशिश को देखते हुए कहता है, "क्या किया है तुमने ?" लेकिन कशिश के चेहरे पर घबराहट साफ नजर आ रही थी ।
वह घबराते हुए उस औरत को देखती हैं । मैनेजर ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और जल्दी से उस औरत से कहता है, "हम आपसे माफी मांगते हैं, मिसेज सिंघानिया । हमसे गलती हो गई है ।"
मिसेज सिंघानिया ने कशिश को देखते हुए कहा, "गलती तुमसे नहीं हुई है, बल्कि गलती तो यहां पर खड़ी यह लड़की है, जिसकी वजह से मेरी महंगी ड्रेस खराब हो गई है । कैसे नालायक की भर्ती कर के रखी हुए हैं तुमने अपने रेस्टोरेंट में ? इस लड़की को अभी इसी वक्त निकाल दो !"
कशिश का चेहरा डर से भरा हुआ था । वह घबराई हुई नजरों से उन लोगों को देख रही थी । पूरे रेस्टोरेंट की नजरें कशिश के ऊपर थीं ।
मैनेजर ने स्थिति को काबू में करने की कोशिश की ओर कहा, "मैडम, हम माफी मांग रहे हैं । कशिश भी आपसे माफी मांग लेगी । कशिश, माफी मांगो मैडम से ।"
कशिश की आंखों में आंसू थे । वह जल्दी से अपना सर हां में हिलती है और अपने दोनों कांपते हुए हाथो को जोड़ कर धीरे से कहती है, "आई एम सॉरी, मैडम । मुझसे गलती हो गई है । प्लीज, मुझे नौकरी से मत निकालिए ।"
मैसेज सिंघानिया गुस्से में मैनेजर को देखते हैं और उसे धमकी देते हुए कहती हैं, "अगर तुमने इस लड़की को काम से नहीं निकाला, तो तुम्हारे इस रेस्टोरेंट को छोले भटूरे की दुकान में बदल दूंगी ।"
मैनेजर miss सिंघानिया को अच्छी तरह से जानता था । एक लड़की के लिए वह अपने रेस्टोरेंट को खतरे में नहीं डाल सकता था ।
इस लिए उसने कशिश की तरफ देख कर सख्ती से कहा, "कशिश, तुम्हें नौकरी से निकाला जाता है । अपना सामान पैक करो ।"
कशिश की आंखों के आंसू तेज हो गए थे । वह रोते हुए मैनेजर साहब को देख रही थी । भव्या भी एक तरफ खड़ी थी, और उसके चेहरे पर भी आंसू थे, लेकिन वह अपनी दोस्त के लिए कुछ नहीं कर सकती थी । क्योंकि अगर उसने यहां कुछ किया, तो उसे भी मिसेज सिंघानिया के गुस्से का सामना करना पड़ेगा और उसकी भी नौकरी चली जाएगी ।
मिसज सिंघानिया के चेहरे पर एक भयानक मुस्कान थी । कशिश धीरे से अपना एप्रन खोलते हुए उतार कर वह रेस्टोरेंट के बाहर चली जाती है । मैसेज सिंघानिया उसे जाते हुए देख कर मन ही मन मुस्कुराती रहती हैं ।