Chapter 231
अक्षत का डर और फीवर। - Chapter 231
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आगे। अक्षत की आवाज़ इतनी तेज थी की उसके बगल मे बेहोश अक्षिता जिसे होश कब का आ गया था बस वो सोई हुई थी। जिसके बाद अक्षत की तेज आवाज़ से अक्षिता सहम जाती है और जल्दी से अपनी आँखे खोलती