Chapter 120
एक महीने बाद। - Chapter 120
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
आगे। अक्षिता के पेरो मे लग गई थी जिस वजह से वो अपना पेर पकड़ कर बैठी थी। दर्द से उसके आंसु नहीं रुक रहे थे। वाही वो कार कुछ दूरी पर जाकर रूकती है। और उसका डोर खुलता है और उसमे से दो