Chapter 145
टाइम कम है। - Chapter 145
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आगे। अक्षत की घबराहट बढ़ गई थी। वाही अक्षिता जिसकी आँखों मे आँसू आ गये थे उसके अंदर बिल्कुल भी जान नहीं बची थी हिलने की। वो ऐसे ही अक्षत के सीने से लगी हुई थी। उसके नाक से ब्लड आ रह