Chapter 42
सनक और मोहब्बत” - Chapter 42
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रात का सन्नाटा था। रोज़ होटल के कमरे की खिड़की से बाहर देख रही थी। शहर की रोशनियाँ जगमगा रही थीं, लेकिन उसके दिल में सिर्फ़ अंधेरा था। रणवीर की बातें अब उसके कानों में गूँज रही थीं