Chapter 31
सनक और मोहब्बत” - Chapter 31
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
सुबह का समय था। हवाओं में हल्की ठंडक थी, लेकिन रोज़ के मन में बेचैनी और डर दोनों बढ़ रहे थे। देव पिछली रात से ही चुप था। उसकी आँखों में शक साफ़ झलक रहा था। रोज़ जानती थी कि देव को