Chapter 81
इश्क़ <br> <br>दी रिवेंज लव - Chapter 81
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महेंद्र जी अपने बंगले के बड़े-से हॉल में बैठे थे। शाम का वक्त था, बाहर बगीचे में हल्की-हल्की हवा चल रही थी। उनकी निगाहें अख़बार पर तो थीं लेकिन मन कहीं और भटका हुआ था। तभी राजेश्वर