इश्क़ दी रिवेंज लव Ch. 1

इश्क़ दी रिवेंज लव - Chapter 1 ( मिलते है, मीरा राजपूत से )

Posted by S✨ Sood • May 10, 2025 04:26 PM

लंदन की ठंडी सुबहें अपने आप में एक अलग ही क्लास रखती थीं। हल्की-हल्की धुंध और सर्द हवा, जिनमें लोग अपने ट्रेंच कोट में लिपटे तेज़ी से चलते दिखते। इन्हीं भीड़भरी सड़कों पर एक ब्लैक रेंज रोवर का दरवाज़ा खुला और उसमें से उतरी मीरा राजपूत। उसके कदमों की आहट जैसे ही पत्थरों पर गूंजी, सबकी नज़रें एक पल के लिए थम गईं।

मीरा राजपूत—नाम ही काफ़ी था। भारत के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल घरानों में से एक की इकलौती बेटी। उसके पिता का बिज़नेस साम्राज्य सिर्फ़ इंडिया ही नहीं बल्कि यूरोप और मिडिल ईस्ट तक फैला हुआ था। लेकिन मीरा की पहचान सिर्फ़ एक रिच इंडस्ट्रियलिस्ट की बेटी भर नहीं थी। वह खुद अपने स्टाइल, अपनी पर्सनैलिटी और अपनी स्मार्टनेस से सबको इंप्रेस कर देती थी।

आज उसने हल्के पिंक शेड का वूलन ड्रेस पहना था, साथ में सफ़ेद हाई बूट्स और एक डिज़ाइनर बैग। उसकी आँखों पर बड़े ब्लैक गॉगल्स और खुले बाल उसे और भी ग्लैमरस बना रहे थे। वह हर तरह से “क्यूट एंड फैशनेबल” का परफेक्ट कॉम्बिनेशन थी।

उसकी रूटीन भी किसी प्रिंसेस से कम नहीं थी। सुबह लंदन के सिटी सेंटर में बने उसके प्राइवेट अपार्टमेंट से ड्राइवर उसे यूनिवर्सिटी ड्रॉप करता, जहाँ वह आर्किटेक्चर और बिज़नेस मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही थी। यूनिवर्सिटी के कॉरिडोर में जब वह अपनी दोस्तों के साथ चलती, तो सबकी नज़रें अपने आप उसकी ओर खिंच जातीं।

"मीरा, आज का प्रेज़ेंटेशन तुम ही दे रही हो, राइट?" उसकी दोस्त सोफिया ने मुस्कुराते हुए कहा।

मीरा ने चश्मा उतारते हुए आंखें झपकाईं और बोली, "ऑफ कोर्स… मेरे बिना तो ये प्रोजेक्ट अधूरा ही रहेगा।" उसके अंदाज़ में कॉन्फिडेंस और मासूमियत दोनों झलकते थे।

क्लास खत्म होते ही वह यूनिवर्सिटी की कैफे में बैठकर अपनी कॉफी सिप करने लगी। लोग उसे देख कर सिर्फ़ उसके फैशन से ही नहीं, बल्कि उसके फ्रेंडली नेचर से भी आकर्षित होते थे। वह सबके साथ बात करती, हंसती, लेकिन फिर भी उसमें एक रॉयल डिस्टेंस रहता—जैसे वह किसी और ही दुनिया की लड़की हो।

शाम को ऑफिस की ओर जाते हुए वह अपने पिता की कंपनी के लंदन ब्रांच की मीटिंग्स में भी शामिल होती। वहां उसकी उम्र से दोगुना बड़े लोग बैठे होते, लेकिन मीरा की राय हमेशा सबसे ज्यादा मायने रखती। बिज़नेस हेरिटेज की वारिस होते हुए भी उसने खुद को “सिर्फ़ पापा की बेटी” नहीं बनने दिया था।

यूनिवर्सिटी, ऑफिस और फैशन—इन तीनों के बीच उसकी ज़िंदगी बैलेंस थी। वह दुनिया को दिखाती थी कि पैसा और पावर सिर्फ़ शो-ऑफ़ के लिए नहीं, बल्कि उससे कुछ क्रिएट करने के लिए भी होता है।

लेकिन उसकी इस चमकदार और परफेक्ट लगती दुनिया के पीछे एक सच्चाई छिपी थी। उसे अंदाज़ा तक नहीं था कि बहुत जल्द उसकी इस रॉयल लाइफस्टाइल पर किसी की नज़र पड़ने वाली है। कोई ऐसा, जो उसकी आज़ादी, उसके सपनों और उसके यकीन को चुनौती देने वाला था…

वही कोई, कोई उसकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देगा।

उस दिन लंदन की ठंडी हवा में भी मीरा का कॉन्फिडेंस किसी गर्म धूप सा चमक रहा था। मगर किस्मत ने उसके लिए कुछ और ही लिखा था। उसकी हर मुस्कान, हर बेफ़िक्र चाल किसी अनजाने शिकारी की नज़रों में कैद हो चुकी थी। खेल शुरू हो चुका था, बस मीरा को इसकी भनक तक नहीं थी।

तभी उसके मोबाइल पर कॉल आई—कॉलेज की एक लड़की थी। वह हँसते हुए बोली, "मीरा, आज रात की पार्टी में तुम जरूर आना, वरना तुम्हारे बिना सारी पार्टी फीकी लगेगी।"

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