इश्क़ दी रिवेंज लव - Chapter 2 ( नाइट क्लब में पार्टी )
रात का समय, लंदन के सबसे फेमस क्लब में रोशनी से जगमगाहट थी। बड़े-बड़े झूमर और नीऑन लाइट्स मिलकर पूरे हॉल को किसी सपनों की दुनिया जैसा बना रहे थे। हर कोने में महकते परफ्यूम और हँसी की गूंज थी।
भीड़ अचानक शांत सी हो गई जब एंट्रेंस के दरवाज़े पर मीरा राजपूत का आगमन हुआ। उसने सिल्वर शिमर वाली वन-शोल्डर ड्रेस पहनी थी, साथ में हल्की हील्स और खुले लंबे बाल। बिना किसी ओवर मेकअप के भी वह बेहद खूबसूरत और मासूम लग रही थी।
“ओह माय गॉड! मीरा आ गई…” पार्टी में मौजूद लड़कियाँ उत्साहित होकर कह उठीं। लड़के एक-दूसरे को धक्का देकर उसकी ओर देखने लगे। हर किसी की निगाहें उसी पर टिक गईं।
मीरा ने मुस्कुराकर सबका अभिवादन किया। उसकी मुस्कान इतनी प्यारी और सच्ची थी कि कोई भी उसे देखकर मोहित हुए बिना नहीं रह सकता था। वह बेहद क्यूट लगी—जैसे कोई डॉल, लेकिन एक रॉयल टच के साथ।
कॉलेज की उसकी दोस्त, पार्टी की होस्ट, उसके पास आई और बोली—
“मीरा, तुम्हारे बिना तो पार्टी अधूरी थी… अब सब परफेक्ट है।”
मीरा ने मासूमियत से हँसते हुए कहा, “अरे पागल, मैं तो वैसे भी आती… तुम मेरी दोस्त हो ना।”
मीरा की मासूम बातों और प्यारे अंदाज़ ने सबका दिल जीत लिया। डांस फ्लोर पर जब वह अपने दोस्तों के साथ हँसते हुए डांस करने लगी तो उसकी क्यूटनेस और भी निखर आई। वह किसी सुपरमॉडल जैसी नहीं, बल्कि एक प्रिंसेस जैसी लगी—जिसकी हर हरकत मासूम और दिल को छू लेने वाली थी।
लड़कों की आँखों में सिर्फ़ मीरा ही थी। कोई उसकी स्माइल पर फिदा था, कोई उसके मासूम हाव-भाव पर। लेकिन मीरा को इन सबकी परवाह नहीं थी। वह तो बस अपनी दोस्तों संग मस्ती में डूबी थी।
कभी वह डांस छोड़कर टेबल पर बैठ जाती, कोक का ग्लास उठाती और दोस्तों से गॉसिप करने लगती। उसकी हंसी पूरे हॉल में गूंज जाती। उसकी हर हरकत में नजाकत थी, लेकिन बनावट नहीं। उसकी यही सादगी और मासूमियत उसे सबसे अलग और खास बना रही थी।
पार्टी देर रात तक चलती रही। हर किसी की नज़रें उस एक लड़की पर थीं—मीरा राजपूत। वह सिर्फ़ रिच और खूबसूरत नहीं थी, बल्कि इतनी प्यारी और सच्ची थी कि हर कोई उसके दीवाने हो गया था।
किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि इस हँसी और चमक के पीछे बहुत जल्द एक तूफ़ान आने वाला है…
पार्टी अपनी रौनक पर थी। डांस फ्लोर पर म्यूज़िक की बीट्स तेज़ थीं और चारों तरफ़ जोश भरा हुआ था। तभी भीड़ से एक हैंडसम लड़का, क्लासी सूट पहने, मीरा के पास आया।
उसने विनम्रता से हाथ आगे बढ़ाया—
“मिस राजपूत, क्या मैं आपको डांस के लिए इनवाइट कर सकता हूँ?”
मीरा ने मुस्कुराकर उसे देखा, लेकिन फिर धीरे से सिर हिला दिया।
“सॉरी, आज डांस का मूड नहीं है।”
लड़का थोड़ी देर ठहरा, फिर झेंपते हुए चला गया। मीरा की दोस्तें तुरंत उसके पास आ गईं।
“गॉड, मीरा! कोई लड़का ऐसा नहीं है जो तुझ पर फ़िदा न हो… फिर भी तू किसी को भाव ही नहीं देती।”
दूसरी ने शरारत से कहा, “तेरी तो हर फोटो इंस्टाग्राम पर आते ही वायरल हो जाती है। सब कहते हैं—‘काश मीरा मेरी होती।’ लेकिन तू है कि किसी को मौका ही नहीं देती। आखिर तुझे कैसा लड़का चाहिए?”
मीरा ने पहले तो हल्की हंसी में टालना चाहा, मगर जब सबकी जिज्ञासु आँखें उस पर टिक गईं तो उसने गंभीर होकर कहा—
“देखो, मुझे कोई पिक्चर-परफेक्ट मॉडल या शो-ऑफ करने वाला नहीं चाहिए। मुझे ऐसा लड़का चाहिए जो सीधा-सादा हो, इनोसेंट हो। जो सिर्फ़ बाहर से ही नहीं, दिल से भी अच्छा हो।”
उसकी दोस्तें हैरान होकर सुनती रहीं।
मीरा ने आगे कहा—
“सबसे ज़रूरी ये है कि वो लड़कियों से हमेशा अच्छे से बात करे। उसके लहज़े में कभी बदतमीज़ी न हो। और… मेरी फीलिंग्स समझ सके। मुझे बार-बार बताना न पड़े कि मैं क्या सोच रही हूँ। वो बस मेरे एक्सप्रेशन्स से ही समझ ले।”
वह थोड़ी देर चुप रही, फिर उसकी आँखों में चमक सी आ गई।
“वो वेल-एजुकेटेड होना चाहिए। ऐसा इंसान, जिसके सामने मुझे कभी डर न लगे। जिसके साथ मैं सुरक्षित महसूस करूँ। ऐसा नहीं कि मुझे हर वक्त सोचना पड़े कि ये मुझे समझेगा या नहीं। मुझे किसी की ताक़तवर पर्सनैलिटी नहीं चाहिए, बल्कि उसका प्यारा सा दिल चाहिए।”
उसकी बातों पर सब उसकी ओर देखती रह गईं।
एक दोस्त ने मज़ाक में कहा, “तो मतलब तुझे प्रिंस चार्मिंग चाहिए?”
मीरा ने हंसकर सिर हिलाया—
“नहीं, प्रिंस चार्मिंग नहीं… मुझे बस कोई ऐसा चाहिए जो असली हो। जो मुझे मीरा राजपूत नहीं, बस एक सिंपल लड़की समझकर प्यार करे।”
उसकी आँखों की मासूमियत और शब्दों की गहराई ने माहौल को कुछ पल के लिए चुप कर दिया। शोर-शराबे वाली पार्टी में भी उसके दिल की ख्वाहिश साफ़ सुनाई दे रही थी।
लेकिन यह कोई नहीं जानता था कि किस्मत ने उसके लिए कैसा इंसान चुना है। शायद वही, जो उसकी चाहत से बिल्कुल उल्टा होगा… और फिर भी वही उसकी जिंदगी में सबसे गहरा असर छोड़ जाएगा।
एक दोस्त ने हंसते हुए कहा, “ओके, तो कल कॉलेज में हमारी आउटिंग पक्की है… हम सब मॉल चलेंगे, खूब शॉपिंग करेंगे।”
मीरा ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया, “नहीं… कल मैं इंडिया जा रही हूँ। बहुत वक्त हो गया है पापा से मिले हुए। पहले तो वो लंदन आते थे मुझसे मिलने, लेकिन अब काम की वजह से नहीं आ पाए। इस बार मैं ही उन्हें सरप्राइज देने जा रही हूँ।”