Chapter 205
विराज वालिया. मेरा कस्टमर था।
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इससे पहले कि अभय और कुछ पूछता, उसने पाया कि विश ने उसे कसकर गले से लगा लिया। वो अभय के गले में इस कदर लिपट गई, जैसे उसके सिवा उसका कोई सहारा ही नहीं था। विश इस वक्त अभय की बाहों मे