Chapter 123
मुझे मरना मंजूर है,तुम्हारी होना नहीं
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अभय एक तिरछी स्माइल के साथ उसे देखते हुए कहता है, " तो क्या ख्याल है तुम्हारा मिस विशाखा, अभी भी मुझे गले लगाने की वजह मौत को गले लगाना पसंद करोगी तुम?" साक्षात मौत को दे