Chapter 57
शराब का स्विमिंग पूल
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अभय के होंठ लगातार विश के गर्दन पर चल रहे थे। विश के हाथों की मुठिया अपने चादर को संभाल रही थी। जिसकी गांठ लगभग खुलने को हो रही थी और अभय के चलते हुए होठों के साथ उसकी बेशर्मी भरी