Chapter 9
जो दोगे बही पाओगे - Chapter 9
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गाँव के आखिरी कोने में दो वृद्धाएँ रहती थीं, दोनों के घर की दीवार एक थी। घर के सामने छोटे से टीले पर साधु-संतों का एक आश्रम था। दोनों बुढियां आश्रम में काम करने जातीं। संतों की कृप