Chapter 137
"तेरे लिए"....!! - Chapter 137
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
अगले दो दिन कैसे मस्ती-मज़ाक और धूम-धड़ाके में निकल गए, पता ही नहीं चला। इस बीच जन्नत ने एक-दो बार ही अबीर से बात की थी, लेकिन उसे देखा नहीं था। आज जन्नत की मेहँदी थी और अपने घर में