Chapter 117
"तेरे लिए"....!! - Chapter 117
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दूसरी तरफ़, अबीर जन्नत का फ़ोन रखकर गहरी साँस लेता है। अबीर (फ़ोन रखकर): आपने तो आज मार ही दिया था!... वैसे ही जन्नत इतनी मोहतात (सतर्क) रहती हैं, और अगर ज़र्रा (तिनका) भर भी उन्हे