Chapter 102
"तेरे लिए"....!! - Chapter 102
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**(लखनऊ...)** जन्नत को कॉलेज पहुँचकर टीचर से मिलने और अपने काम फ़ारिग करने में ही ढाई बज गए थे। अब बस वो घर के लिए निकलने ही वाली थी कि तभी दुआ का फ़ोन उसे आता है, और वह दुआ का नंब