Chapter 85
"तेरे लिए"....!! - Chapter 85
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जन्नत: हाय रब्बा! अबीर, हम उन्हें वही तो बताने की कोशिश कर रहे थे कि वो खुद उस सच से अनजान हैं और... अबीर (हल्की नाराज़गी से): बस कीजिए जन्नत......अपनी ये नादानियाँ। और प्यार, इश्क