Chapter 220
Destined to be mine - Chapter 220
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अगले दिन अद्वय तो निकल गया, पर आध्या नहीं गई। उसे उसके बिना ज़रा भी अच्छा नहीं लग रहा था, पर वह वहाँ से जाना भी नहीं चाहती थी। वहाँ अद्वय के होने का एहसास था, और वह उसी से काम चला