Chapter 103
Destined to be mine - Chapter 103
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अगले दिन शाम का वक्त था। सारा दिन आध्या और अद्वय काम में लगे रहे। आज फिर मिष्टि समीर के साथ थी। कुछ देर बाद ऑफ़िस के बाहर एक काली कार आकर रुकी। उसके अंदर से समायरा निकली। वह अंदर क