Chapter 49
चोट
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
वो वापस चेयर पर बैठा, पीछे से सिर टिकाया। उसके होठों पर धीमी फुसफुसाहट निकली — “तुम सोचती हो मैं प्यार नहीं करता? लेकिन तुम जानती नहीं, मुझे डर लगता है…” विधिक्ष ने आँखें बंद कीं।