Romance Contemporary Romance
फ़ना दो चेहरों के बीच पिसती एक मोहब्बत
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ॐ
लखनऊ इंडिया
लखनऊ की एक हवेली का कमरा हल्की रौशनी से चमक रहा था। एक लड़की शादी के जोड़े में खड़ी थी। आईने के सामने, लाल सुर्ख़ लहंगा, बिखरे हुए सिंदूर और गले में मंगलसूत्र सब कुछ उसे दुल्हन की तरह दिखा रहा था। पर उसकी आँखों में जो चमक नहीं थी। ना ही कोई ...
लखनऊ इंडिया
लखनऊ की एक हवेली का कमरा हल्की रौशनी से चमक रहा था। एक लड़की शादी के जोड़े में खड़ी थी। आईने के सामने, लाल सुर्ख़ लहंगा, बिखरे हुए सिंदूर और गले में मंगलसूत्र सब कुछ उसे दुल्हन की तरह दिखा रहा था। पर उसकी आँखों में जो चमक नहीं थी। ना ही कोई ...
ॐ
लखनऊ इंडिया
लखनऊ की एक हवेली का कमरा हल्की रौशनी से चमक रहा था। एक लड़की शादी के जोड़े में खड़ी थी। आईने के सामने, लाल सुर्ख़ लहंगा, बिखरे हुए सिंदूर और गले में मंगलसूत्र सब कुछ उसे दुल्हन की तरह दिखा रहा था। पर उसकी आँखों में जो चमक नहीं थी। ना ही कोई भाव वो बस देख रही खुद को।
उसने अपनी छवि को निहारते हुए धीरे से साँस ली। उसकी हथेलियों में हल्का काँप था। आँखों के सामने कुछ पल तैर गए। जैसे कल तक वही लड़की वायुष ठाकुर की मंगेतर कहलाती थी। चार साल की मोहब्बत, विश्वास और उम्मीदें। और आज… वही लड़की अचानक विधिक्ष ठाकुर की पत्नी बन चुकी थी।
लखनऊ इंडिया
लखनऊ की एक हवेली का कमरा हल्की रौशनी से चमक रहा था। एक लड़की शादी के जोड़े में खड़ी थी। आईने के सामने, लाल सुर्ख़ लहंगा, बिखरे हुए सिंदूर और गले में मंगलसूत्र सब कुछ उसे दुल्हन की तरह दिखा रहा था। पर उसकी आँखों में जो चमक नहीं थी। ना ही कोई भाव वो बस देख रही खुद को।
उसने अपनी छवि को निहारते हुए धीरे से साँस ली। उसकी हथेलियों में हल्का काँप था। आँखों के सामने कुछ पल तैर गए। जैसे कल तक वही लड़की वायुष ठाकुर की मंगेतर कहलाती थी। चार साल की मोहब्बत, विश्वास और उम्मीदें। और आज… वही लड़की अचानक विधिक्ष ठाकुर की पत्नी बन चुकी थी।
Chapter
102
Words
116.7K
Updated
2 days ago
Published
Apr 19, 2026
Published Chapters
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लखनऊ की एक हवेली का कमरा हल्की रौशनी से चमक रहा था। एक लड़की शादी के जोड़े में खड़ी थी। आईने के सामने, लाल सुर्ख़ लहंगा, बिखरे हुए सिंदूर और गले में मंगलसूत्र सब कुछ उसे दुल्हन की तरह दिखा रहा था। पर उसकी आँखों में जो चमक नहीं थी। ना ही कोई भाव वो बस देख रही खुद को।
उसने अपनी छवि को निहारते हुए धीरे से साँस ली। उसकी हथेलियों में हल्का काँप था। आँखों के सामने कुछ पल तैर गए। जैसे कल तक वही लड़की वायुष ठाकुर की मंगेतर कहलाती थी। चार साल की मोहब्बत, विश्वास और उम्मीदें। और आज… वही लड़की अचानक विधिक्ष ठाकुर की पत्नी बन चुकी थी।
लखनऊ इंडिया
लखनऊ की एक हवेली का कमरा हल्की रौशनी से चमक रहा था। एक लड़की शादी के जोड़े में खड़ी थी। आईने के सामने, लाल सुर्ख़ लहंगा, बिखरे हुए सिंदूर और गले में मंगलसूत्र सब कुछ उसे दुल्हन की तरह दिखा रहा था। पर उसकी आँखों में जो चमक नहीं थी। ना ही कोई भाव वो बस देख रही खुद को।
उसने अपनी छवि को निहारते हुए धीरे से साँस ली। उसकी हथेलियों में हल्का काँप था। आँखों के सामने कुछ पल तैर गए। जैसे कल तक वही लड़की वायुष ठाकुर की मंगेतर कहलाती थी। चार साल की मोहब्बत, विश्वास और उम्मीदें। और आज… वही लड़की अचानक विधिक्ष ठाकुर की पत्नी बन चुकी थी।
1736788994665228
रोमांटिक पुशअप्स • 11 days ago
1736788994665228
रोमास के लिए परमिशन • 12 days ago
Soniya Kishori
enjoy honeymoon • 12 days ago
1736788994665228
12 days ago
nice story namaste
0 likes • रोमास के लिए परमिशन
Soniya Kishori
12 days ago
very nice story 👌
0 likes • enjoy honeymoonNo fan art available for this story yet.
Maine aapki story read ki hai very interesting and one hot bold story please send me daily chapter thanks
0 likes • रोमांटिक पुशअप्स