Chapter 40
मर्यादाओं में बंधी एक डोर <br>“एक रिश्ता… जिसे नाम देना गुनाह था” - Chapter 40
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कॉल कट होते ही कमरे की हवा जैसे भारी हो गई। आरोही अब भी वहीं खड़ी थी, फोन उसके हाथ में था— लेकिन उंगलियों में जान नहीं बची थी। विवान धीरे से बोला, “अब एक बात साफ है…” आर्यव ने उसकी