Chapter 1
मर्यादाओं में बंधी एक डोर “एक रिश्ता… जिसे नाम देना गुनाह था” - Chapter 1
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शादी के मंडप में बैठी आरोही की उंगलियाँ काँप रही थीं। उसकी मेहंदी से सजी हथेलियाँ हल्की-हल्की पसीज रही थीं। घूंघट के अंदर उसका चेहरा शांत दिख रहा था… लेकिन भीतर एक ज्वालामुखी फूट र