Chapter 7
तुम तो धोखेबाज़ हो - Chapter 7
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खाटू श्याम जी का विशाल प्रांगण भक्तों से भरा हुआ था। घंटी, शंख और “जय श्री श्याम” के जयकारों के बीच हवा में फूलों और धूप की मिली-जुली खुशबू तैर रही थी। बस से उतरते ही वरूण ने आँखें