Chapter 99
मेरी जैसी किस्मत किसी की भी ना हो ।
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राही की गाड़ी सीधे उस के मां के घर के सामने आ कर रूकती है । वह एक नजर उस घर को देखती हैं और उस के बाद कस के अपनी आंखें बंद कर लेती है। दरअसल वह अंदर ही अंदर अपने लिए हिम्मत इकट्ठा