Chapter 130
Only For You ( शिद्दत से ) - Chapter 130
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अगली सुबह मेहर जो कब की उठ चुकी थी वो बस एक टक कबीर को ही देख रही थी और इस समय गुस्से में भी थी। वही कबीर सब से बेखबर सो रहा था ।और इस समय वो लगभग मेहर को खुद से लगाये हूए सो रहा थ