Romance Enemies to Lovers
Only For You ( शिद्दत से )
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सड़क के बीचो बीच भीड़ लगी हुई थी । बहुत सारे लोग वहां पर जमा हूए थे , पुरा ट्रेफिक जाम हो रखा था । एक लडकी यहीं कोई इक्कीस बाईस साल की , सड़क के बीचो बीच खड़ी थी , जिसकी गहरी काली आखों में बेहिसाब गुस्सा नजर आ रहा था । उस के सामने एक लड़का उम्र में यही कोई ...
सड़क के बीचो बीच भीड़ लगी हुई थी । बहुत सारे लोग वहां पर जमा हूए थे , पुरा ट्रेफिक जाम हो रखा था । एक लडकी यहीं कोई इक्कीस बाईस साल की , सड़क के बीचो बीच खड़ी थी , जिसकी गहरी काली आखों में बेहिसाब गुस्सा नजर आ रहा था । उस के सामने एक लड़का उम्र में यही कोई तीस के आस पास का होगा , वो भी अपनी ब्राउन आंखो में गुस्सा लिए उसे देख रहा था । "अरे कार क्या आ गई हाथ में तो दूसरे लोगो को कुछ समझते ही नही हो , कार ना हो गई कोई हवाईजहाज हो गया । जिसे बीना ब्रेक के भगाये जा रहे हो, भगाये जा रहे हो , हम जैसों को तो कीड़े मकोड़े समझ कर रखा है इन लोगो ने" , वो लड़की अपना हाथ हिलाते हूए बोल रही थी । वही वो लड़का गुस्से से उसे देख रहा था । "हॉर्न नाम का यंत्र लगा है इस में और कान नाम की चीज भगवान ने तूम्हे दी है पर नही उस में तो , बलूतूथ घुसा रखे है , हॉर्न नाम के यंत्र की आवाज कहां से सुनाई देगी ", वो लड़का बोला । "अच्छा मुझे सुनाई नही दिया तो क्या, तुम मेरी रामपयारी को ठोक दो गे ",वो लड़की बीच सड़क पर पड़ी अपनी सकुटी को देख कर बोली । " हाये मेरी राम प्यारी अभी तो इसकी किशते भी पुरी नही हूई और तूमने इसे हॉस्पीटल पहचाने का काम कर दिया", वो लड़की अपनी स्कूटी के पास बैठ कर बोली । दूसरी तरफ खड़ा लड़का उस की बात सुनकर , हैरानी से उसे देख रह था ।"हॉस्पीटल ये स्कूटी , भला स्कूटी कब से हॉस्पीटल जाने लगी" ,वो लड़का हाथ बाध के बोला बोला । "जब से तुम जैसे अंधों के हाथ में गाड़ी लगी है ", वो लड़की खड़े होकर गुस्से से बोली । "देखो मिस अब ये ना ज्यादा हो रहा है , बहुत ज्यादा समझी ना आप , और रही ये स्कूटी मतलब तुम्हारी रामपयारी की बात तो ये पैसे रखो और रास्ता छोड़ो" , वो लड़का पीछा छुड़ाने के मकसद से उस लड़की के हाथ में पैसो की गडी रखते हुए बोला जो उसी समय उसने कार में से निकाली थे । "तूम समझते क्या हो खुद को , कही का राजा महाराजा जो मुझे ये पैसे दे रहे हो , एक तो गलती उपर से उस गलती को छुपाने के लिए और गलती । एक सॉरी भी तो बोल सकते थे ना ", वो लड़की गुस्से से बोली । " सॉरी और वो भी तुम जैसी ब्ददिमाग लड़की को , भूल जाओ", वो लड़का बोला । "यू", वो लड़की उसे देख कर गुस्से से इधर उधर देखने लगी, और सड़क के एक तरफ चली गई ,वही सब उसे ही देख रहे थे ,तभी उस लड़की ने एक पथर देखा और वो पथर उठा कर भागते हूए उस लड़के की तरफ आई , उसे ऐसे पथर लेकर अपनी तरफ भागते हूए आते देख
Chapter
137
Words
308.6K
Updated
3 days ago
Published
Aug 29, 2025
Published Chapters
Only For You ( शिद्दत से ) - Chapter 1
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सड़क के बीचो बीच भीड़ लगी हुई थी । बहुत सारे लोग वहां पर जमा हूए थे , पुरा ट्रेफिक जाम हो रखा था । एक लडकी यहीं कोई इक्कीस बाईस साल की , सड़क के बीचो बीच खड़ी थी , जिसकी गहरी काली आखों में बेहिसाब गुस्सा नजर आ रहा था । उस के सामने एक लड़का उम्र में यही कोई तीस के आस पास का होगा , वो भी अपनी ब्राउन आंखो में गुस्सा लिए उसे देख रहा था । "अरे कार क्या आ गई हाथ में तो दूसरे लोगो को कुछ समझते ही नही हो , कार ना हो गई कोई हवाईजहाज हो गया । जिसे बीना ब्रेक के भगाये जा रहे हो, भगाये जा रहे हो , हम जैसों को तो कीड़े मकोड़े समझ कर रखा है इन लोगो ने" , वो लड़की अपना हाथ हिलाते हूए बोल रही थी । वही वो लड़का गुस्से से उसे देख रहा था । "हॉर्न नाम का यंत्र लगा है इस में और कान नाम की चीज भगवान ने तूम्हे दी है पर नही उस में तो , बलूतूथ घुसा रखे है , हॉर्न नाम के यंत्र की आवाज कहां से सुनाई देगी ", वो लड़का बोला । "अच्छा मुझे सुनाई नही दिया तो क्या, तुम मेरी रामपयारी को ठोक दो गे ",वो लड़की बीच सड़क पर पड़ी अपनी सकुटी को देख कर बोली । " हाये मेरी राम प्यारी अभी तो इसकी किशते भी पुरी नही हूई और तूमने इसे हॉस्पीटल पहचाने का काम कर दिया", वो लड़की अपनी स्कूटी के पास बैठ कर बोली । दूसरी तरफ खड़ा लड़का उस की बात सुनकर , हैरानी से उसे देख रह था ।"हॉस्पीटल ये स्कूटी , भला स्कूटी कब से हॉस्पीटल जाने लगी" ,वो लड़का हाथ बाध के बोला बोला । "जब से तुम जैसे अंधों के हाथ में गाड़ी लगी है ", वो लड़की खड़े होकर गुस्से से बोली । "देखो मिस अब ये ना ज्यादा हो रहा है , बहुत ज्यादा समझी ना आप , और रही ये स्कूटी मतलब तुम्हारी रामपयारी की बात तो ये पैसे रखो और रास्ता छोड़ो" , वो लड़का पीछा छुड़ाने के मकसद से उस लड़की के हाथ में पैसो की गडी रखते हुए बोला जो उसी समय उसने कार में से निकाली थे । "तूम समझते क्या हो खुद को , कही का राजा महाराजा जो मुझे ये पैसे दे रहे हो , एक तो गलती उपर से उस गलती को छुपाने के लिए और गलती । एक सॉरी भी तो बोल सकते थे ना ", वो लड़की गुस्से से बोली । " सॉरी और वो भी तुम जैसी ब्ददिमाग लड़की को , भूल जाओ", वो लड़का बोला । "यू", वो लड़की उसे देख कर गुस्से से इधर उधर देखने लगी, और सड़क के एक तरफ चली गई ,वही सब उसे ही देख रहे थे ,तभी उस लड़की ने एक पथर देखा और वो पथर उठा कर भागते हूए उस लड़के की तरफ आई , उसे ऐसे पथर लेकर अपनी तरफ भागते हूए आते देख
Sukhmanbrar brar
Only For You ( शिद्दत से ) - Chapter 56 • 3 months ago
Sukhmanbrar brar
Only For You ( शिद्दत से ) - Chapter 55 • 3 months ago
Sukhmanbrar brar
Only For You ( शिद्दत से ) - Chapter 50 • 3 months ago
shama gupta
4 months ago
hahaha🤣🤣🤣🤣🤣😂😂😂😂😂
0 likes • Only For You ( शिद्दत से ) - Chapter 4
Varsha Ahirwar
6 months ago
I’m hooked! Can’t stop reading. 📚
0 likes • Only For You Last part ( शिद्दत से ) - Chapter 137No fan art available for this story yet.
hahaha😂😂😂🤣🤣
0 likes • Only For You ( शिद्दत से ) - Chapter 5