Chapter 67
Only For You ( शिद्दत से ) - Chapter 67
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"अगर दोस्त तूम लोगो जैसे हो तो दुश्मन किसी को ना दे भगवान ",बोलते हुए सहज आपने घर की और चली गई । कबीर हेड जस अजीत पढ़ाकू जो भी उनकी बातें सुन रहे थे वो हैरान रह गये। कबीर