Chapter 394
Forced by destiny - Chapter 394
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अर्जुन ने अपनी बात साफ साफ शब्दों में उसके सामने रख दी और खामोशी हो गया। शृष्टि कुछ पल खामोशी से उसको देखती रही फिर मुस्कुराकर बोली, "आपकी यही बातें मुझे सबसे ज्यादा पसंद है..