Chapter 127
अग्नि प्रतिज्ञा - Chapter 127
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“ मैं निकिता का हस्बैंड हूं ।” जैसे ही उस लड़के ने यह कहा पूरे शादी में लोग आपस में खुसर फुसर करने लगते हैं और सब लोग हैरानी से एक दूसरे को देख रहे थे। अग्नि भी निकिता की तरफ देखने