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Chapter 81

अग्नि प्रतिज्ञा - Chapter 81

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अपने कमरे के सोफे पर प्रतिज्ञा बार-बार करवट लेती रही। उसे नींद नहीं आ रही थी। मन में कई बेचैनियाँ थीं। जब से उसकी शादी हुई थी, तब से हर रात अग्नि कमरे में होता था। चाहे उसने कभी भी

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