Chapter 10
Obbsession of Kaynaat - Chapter 10
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जैसे ही करण ने यह सुना, वह घूर कर अपने दादा को देखने लगा और बोला, "नहीं दादा जी, मैं कोई सगाई नहीं करूँगा।" जैसे ही करण ने यह कहा, उसके दादा जय प्रकाश जी करण की ओर देखकर मुस्कुराए