LGBTQ LGBTQ Thriller
Ink & Envy : Twisted Chains of Hearts
32
Views
0
Likes
1
Bookmarks
0
Ratings
एक ऐसा शहर, जहाँ कहानियाँ सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि पहचान बन जाती हैं। जहाँ शब्दों से ज़्यादा असर... ख़ामोशी डालती है।
एक ओर है सर्वज्ञ निगम, वो लेखक जिसकी शक्ल किसी ने नहीं देखी, लेकिन उसके लफ़्ज़... सीधे दिल चीरते हैं।
दूसरी ओर है आरव शर्मा, जुनू...
एक ओर है सर्वज्ञ निगम, वो लेखक जिसकी शक्ल किसी ने नहीं देखी, लेकिन उसके लफ़्ज़... सीधे दिल चीरते हैं।
दूसरी ओर है आरव शर्मा, जुनू...
एक ऐसा शहर, जहाँ कहानियाँ सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि पहचान बन जाती हैं। जहाँ शब्दों से ज़्यादा असर... ख़ामोशी डालती है।
एक ओर है सर्वज्ञ निगम, वो लेखक जिसकी शक्ल किसी ने नहीं देखी, लेकिन उसके लफ़्ज़... सीधे दिल चीरते हैं।
दूसरी ओर है आरव शर्मा, जुनूनी, गुस्सैल, और उस नाम से चिढ़ा हुआ, जो बिना चेहरा दिखाए भी हर जुबान पर है।
जब ये दो कलमकार टकराते हैं, तो ये सिर्फ कलम की लड़ाई नहीं होती, ये होता है दो ज़ख्मों का टकराव, दो अधूरी सच्चाइयों का युद्ध ।
ये मोहब्बत की कहानी नहीं है। ये कहानी है उस जलन, उस ख़ामोशी, और उन स्याही से बंधी ज़ंजीरों की, जो प्यार से नहीं, ईर्ष्या से बनी हैं।
एक ओर है सर्वज्ञ निगम, वो लेखक जिसकी शक्ल किसी ने नहीं देखी, लेकिन उसके लफ़्ज़... सीधे दिल चीरते हैं।
दूसरी ओर है आरव शर्मा, जुनूनी, गुस्सैल, और उस नाम से चिढ़ा हुआ, जो बिना चेहरा दिखाए भी हर जुबान पर है।
जब ये दो कलमकार टकराते हैं, तो ये सिर्फ कलम की लड़ाई नहीं होती, ये होता है दो ज़ख्मों का टकराव, दो अधूरी सच्चाइयों का युद्ध ।
ये मोहब्बत की कहानी नहीं है। ये कहानी है उस जलन, उस ख़ामोशी, और उन स्याही से बंधी ज़ंजीरों की, जो प्यार से नहीं, ईर्ष्या से बनी हैं।
Chapter
6
Words
6.2K
Updated
1 month ago
Published
Mar 04, 2026
Published Chapters
Chapter 1 (Sarvagya Nigam, एक नाम, हजार सवाल!)
Free
Chapter 2 (I'm ready for this punishment!)
Free
Chapter 3 (God of dark romance, Aarav Sharma!)
Free
Chapter 4 (हॉस्टल!)
Free
Chapter 5 (Death Letter!)
Free
Chapter 6 (टीजर!)
Free
एक ऐसा शहर, जहाँ कहानियाँ सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि पहचान बन जाती हैं। जहाँ शब्दों से ज़्यादा असर... ख़ामोशी डालती है।
एक ओर है सर्वज्ञ निगम, वो लेखक जिसकी शक्ल किसी ने नहीं देखी, लेकिन उसके लफ़्ज़... सीधे दिल चीरते हैं।
दूसरी ओर है आरव शर्मा, जुनूनी, गुस्सैल, और उस नाम से चिढ़ा हुआ, जो बिना चेहरा दिखाए भी हर जुबान पर है।
जब ये दो कलमकार टकराते हैं, तो ये सिर्फ कलम की लड़ाई नहीं होती, ये होता है दो ज़ख्मों का टकराव, दो अधूरी सच्चाइयों का युद्ध ।
ये मोहब्बत की कहानी नहीं है। ये कहानी है उस जलन, उस ख़ामोशी, और उन स्याही से बंधी ज़ंजीरों की, जो प्यार से नहीं, ईर्ष्या से बनी हैं।
एक ओर है सर्वज्ञ निगम, वो लेखक जिसकी शक्ल किसी ने नहीं देखी, लेकिन उसके लफ़्ज़... सीधे दिल चीरते हैं।
दूसरी ओर है आरव शर्मा, जुनूनी, गुस्सैल, और उस नाम से चिढ़ा हुआ, जो बिना चेहरा दिखाए भी हर जुबान पर है।
जब ये दो कलमकार टकराते हैं, तो ये सिर्फ कलम की लड़ाई नहीं होती, ये होता है दो ज़ख्मों का टकराव, दो अधूरी सच्चाइयों का युद्ध ।
ये मोहब्बत की कहानी नहीं है। ये कहानी है उस जलन, उस ख़ामोशी, और उन स्याही से बंधी ज़ंजीरों की, जो प्यार से नहीं, ईर्ष्या से बनी हैं।
No ratings yet.
No comments yet.
No fan art available for this story yet.