Chapter 2 (I'm ready for this punishment!)
वो कोई छोटा सा घर था जिसमें एक कमरा, किचन, लॉबी, बालकनी और एक बाथरूम था। घर के दरवाजे से मेन गेट तक तो हर तरफ पेड़ पौधों की हरियाली थी लेकिन घर के सारे पर्दे बंद थे।
ना उस घर में एक भी बल्ब जल रहा था और ना ही कोई मोमबत्ती। दिन में भी उस घर में बिल्कुल रात का माहौल था और इस माहौल में कोई लॉबी में बैठा हुआ था और उसकी उंगलियां लैपटॉप पर थिरक रही थीं।
उसके दाहिने हाथ में एक मेल कड़ा था जिस पर ॐ नमः शिवाय लिखा हुआ था और तर्जनी उंगली में एक अंगूठी थी जिस पर बड़े ही स्टाइल में एस लिखा हुआ था।
उसके रिंग फिंगर में एक दूसरी अंगूठी थी जिसमें सांप बना हुआ था। उसके हाथों की नसें साफ नजर आ रही थीं।
उसके लैपटॉप के बगल में एक फोन रखा हुआ था जिसमें फुल वॉल्यूम पर "लिविंग हेल" गाना चल रहा था और उसी में पास एक कप में ब्लैक कॉफी रखी हुई थी।
उस कप से एक स्ट्रा निकल कर लैपटॉप चलाने वाले के गर्दन से लिपटते हुए उसके मुंह तक गई थी।
धूप की एक किरण भी वहाँ नहीं पहुँच रही थी फिर भी उस शख्स के काले आंखों पर एक काला चश्मा चढ़ा हुआ था और उसकी नज़रें सिर्फ लैपटॉप स्क्रीन पर टिकी हुई थीं।
वो अपने काम में ही मग्न था जब उसके फोन पर एक नोटिफिकेशन आया। उस शख्स ने वो नोटिफिकेशन चेक किया और उसके होठों पर एक तिरछी मुस्कान आ गई।
वो नोटिफिकेशन सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी से था जिसमें उस शख्स के एडमिशन का कंफर्मेशन लेटर आया था। उसने अपने लैपटॉप स्क्रीन पर एक फोटो ओपन की जिसमें दो 9-10 साल के लड़के एक दूसरे के गर्दन में अपनी बाजू डाल कर खड़े थें।
उसने उस तस्वीर को देखते हुए ही सर्द आँखों के साथ कहा, "Now the game begins!"
दो दिन बाद,
सुबह का समय,
सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी,
आज इस यूनिवर्सिटी में न्यू सेशन शुरू हो रहा था जिसके लिए हजारों स्टूडेंट्स वहाँ आए हुए थें। चारों तरफ अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना अपनी आँखों में सजाये हुए स्टूडेंट्स यहाँ से वहाँ चक्कर लगा रहे थें।
इन्हीं स्टूडेंट्स की भीड़ में वो शख्स भी शामिल था जो 2 दिन पहले कैफे में सर्वज्ञ निगम के बारे में वो सारी बातें बोल रहा था, यानी आरव शर्मा।
इस वक्त वो अपने दोस्तों के साथ पार्किंग लॉट में खड़ा था। वो सभी आपस में बातें कर रहे थे कि तभी वहाँ एक कार आकर रुकी और उसमें से एक लड़का बाहर आया।
उसने नीले रंग की जींस के साथ सफेद रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी। टी-शर्ट के ऊपर उसने एक ब्लैक कलर की हुडी डाली हुई थी जिसका चैन उसने खुला छोड़ रखा था।
उसके पैरों में सफेद रंग के स्नीकर्स थे और उसके बाल थोड़े मेसी थे जो उसके लुक पर बहुत ही खिल रहे थे। उसने अपनी आंखों के नीचे से लेकर चिन तक के चेहरे को मास्क से और अपनी आंखों को काले रंग के चश्मे से ढक रखा था।
उसके पीठ पर एक बैग टंगा हुआ था और उसके गले में काले रंग के हेडफोन्स लटके हुए थे। उसके एक हाथ में सर्वज्ञ की नोवेल, लव अनबॉउंड थी और दूसरे हाथ से वो कार का दरवाजा बंद करके आगे बढ़ गया।
वहीं उसके हाथ में सर्वज्ञ की नोवेल देख कर आरव को फिर से गुस्सा आने लगा। उसके हाथों की मुट्ठियां कस गईं और आँखें लाल होने लगीं।
उसने अपने दांत पीसते हुए कहा, "ये लो, आ गया उस lgbt वाले का एक और फैन!"
उसके शब्द सुन कर सामने वाले लड़के ने अपने कदम रोक लिये।
उसने पलट कर उन लड़कों की तरफ देखा और सीधा होकर सवाल करते हुए कहा, "एक्सक्यूज मी, डिड यू से समथिंग?"
उन लड़कों ने आरव की तरफ देखा तो उसने अपनी कॉलर ठीक करके कहा, "हाँ, हम पूछ रहे थें कि तू फ्रेशर है क्या?"
मास्क वाले लड़के ने कहा, "हां, क्यों?"
तभी उनमें से दूसरे लड़के ने कहा, "First day here?"
मास्क वाले लड़के ने कहा, "Yes, why?"
उस लड़के ने कहा, "Because we want you to do something for us."
मास्क वाले लड़के ने हाँ में सिर हिला कर कहा, "Yes, what can I do for you?"
उस लड़के ने कहा, "कुछ नहीं मुन्ना, बस एक छोटा सा काम है।"
मास्क वाले लड़के ने एक कदम उसकी ओर बढ़ा कर कहा, "Yes uncle, बोलो न!"
उसके शब्द सुन कर वो लड़का चिढ़ गया। उसने अपनी भौंहें उठा कर कहा, "अबे, आँखें खराब हैं क्या तेरी? मैं किस एंगल से अंकल नजर आ रहा हूं तुझे?"
मास्क वाले लड़के ने भी उसी अंदाज में कहा, "तो मैं किस एंगल से बच्चा नजर आ रहा हूं जो मुझे मुन्ना बोल रहे हो! क्या आपकी आँखें खराब हो गयी हैं?"
उस लड़के ने ड्रामा करते हुए कहा, "ओ हो, तो बच्चा खुद को बड़ा समझता है! तो चल, मैं बड़ों वाले काम ही देता हूँ तुझे।"
फिर उसने गेट की ओर इशारा करके कहा, "वो देख, बच्चे अभी आ ही रहे हैं और उनमें बॉयज एंड गर्ल्स दोनों हैं।"
मास्क वाले लड़के ने अपनी भौंहें उठा कर उस लड़के की ओर देख कर कहा, "तो!"
इससे पहले कि वो लड़का कुछ कहता, आरव ने कहा, "तो कुछ नहीं, बस उनमें से किसी एक लड़के को किस करना होगा तुझे।"
ये सुन कर उस लड़के को हंसी आ गई। वो अपना पेट पकड़ कर हँसने लगा। उसे इस तरह से देख कर बाकी के लड़के नासमझी से एक दूसरे को देखने लगें।
वहीँ सामने वाले लड़के ने उन लड़कों की ओर देख कर कहा, "Is this some kind of joke?"
आरव ने उसके सामने आकर अपनी गर्दन ना में हिला कर कहा, "Not at all बच्चे, ये तेरा टास्क है।"
मास्क वाले लड़के ने उसकी आँखों में देख कर कहा, "और अगर मैं ये टास्क ना करूं तो?"
आरव ने कहा, "तो be ready for punishment."
अगले ही पल मास्क वाले लड़के की हँसी गायब हो गयी। उसने आराम से अपने हाथ बांध कर कहा, "OK then, I'm ready for this punishment।"
जारी है...