Chapter 3 (God of dark romance, Aarav Sharma!)
सुबह का वक्त था जब सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी में मास्क वाले लड़के ने आरव की punishment वाली बात पर डेयर के बजाय punishment लेने की बात कही।
ये सुन कर वहाँ मौजूद सारे लड़कों के मुँह खुले के खुले रह गए। वहीं आरव की आँखें छोटी हो गईं।
उसने एटिट्यूड के साथ कहा, "वाह! तो बच्चा डेयरिंग है!"
मास्क वाले लड़के ने अपनी कॉलर ठीक करते हुए स्टाइल से कहा, "कोई शक!"
ये देख कर आरव के दोस्त ने मास्क वाले लड़के की कॉलर पकड़ कर अपने दांत पीसते हुए कहा, "बेटा, औकात में रह! ये तेरा किंडरगार्डन नहीं है, समझा!"
मास्क वाले लड़के ने उस लड़के का हाथ झटक दिया और अपनी कॉलर ठीक करके सोचने का नाटक करते हुए कहा, "ऐसा क्या? मुझे तो लगा कि ये कोई किंडरगार्डन ही है और तुम सब वहाँ के बिगड़े हुए बदमाश बच्चे।"
इतना बोल कर वो फिर से हँसने लगा। ये देख कर उन सभी लड़कों को गुस्सा आने लगा।
उनमें से एक लड़के ने मास्क वाले की ओर बढ़ते हुए कहा, "इसकी तो!"
और अपने हाथ की मुट्ठी से उस लड़के को मारना चाहा लेकिन इससे पहले कि उसकी मुट्ठी उस मास्क वाले लड़के को छूती भी, उससे पहले ही वो झुक गया जिससे उस लड़के का वार खाली गया।
साथ में उस लड़के ने अपना पैर भी मारने वाले लड़के के पैरों के बीच फंसा दिया जिससे वो लड़का लड़खड़ा कर मुँह के बल जा गिरा।
उसे गिरा हुआ देख कर जहां बाकी के लड़कों को गुस्सा आ रहा था तो वही वहां से गुजरते हुए दूसरे स्टूडेंट्स हंसने लगे।
मास्क वाले लड़के ने बिल्कुल आराम से अपनी कार के बोनट पर बैठ कर कहा, "ना मुन्ना, ना! ये गलती करने की सोचना भी मत क्योंकि इसमें तुम लोगों का ही नुकसान है।"
फिर उसने बाकी के लड़कों की तरफ देख कर कहा, "तुम लोगों को भी ऐसे ही मुँह के बल गिरना है तो आ सकते हो।"
ये सुन कर एक और लड़का उसकी ओर बढ़ने लगा लेकिन आरव ने उसका हाथ पकड़ कर उसे रोक लिया। उस लड़के ने गुस्से में उसकी तरफ देखा तो उसने ना में सिर हिला दिया।
उस लड़के ने गुस्से से अपना हाथ झटका और फिर सामने देखा जहाँ मास्क वाले लड़के ने लव अनबॉउंड को अपने हाथ में लेकर आरव की ओर देख कर कहा, "तुम लोगों ने ये किताब मेरे हाथ में देख कर मुझे वो टास्क दिया था न!"
फिर उसने अपने पैर पर पैर डाल कर कहा, "तो अब ध्यान से, अपने अपने कान खोल कर सुन लो। ये बात तुम लोगों के दिल, दिमाग, गुर्दे या फेफड़े, कहीं भी लगे, आई डोंट केयर। मैं एक BL लवर हूँ।
ये बात बोलने में मुझे बिल्कुल भी शर्म नहीं आती है और अगर इस बात से तुम सबको चिढ़ मचती है या मैं तुम्हारी नजरों में चुभता हूँ तो ये तुम लोगों की प्रॉब्लम है, मेरी नहीं।
और हाँ, मैं यहाँ, इस यूनिवर्सिटी में दो साल रहने वाला हूँ एंड आई प्रॉमिस कि इन 2 सालों में तुम सबको चुभने की पूरी कोशिश करूंगा और इतना चुभुंगा, इतना चुभुंगा कि तुम सबकी आंखों से खून बहने लगे।"
इतना बोल कर वो कार से उतरा और प्रिंसिपल ऑफिस की तरफ चला गया।
उसके जाने के बाद बाकी स्टूडेंट्स भी वहां से चले गए। वहीं आरव के दोस्त ने उसकी कॉलर पकड़ कर गुस्से से कहा, "तूने मुझे रोका क्यों? अभी एक थप्पड़ में साले को उसकी औकात दिखा देता।"
आरव ने अपनी कॉलर छुड़ा कर एक तिरछी मुस्कान के साथ कहा, "नहीं यार, ऐसे नहीं। इसकी इज्जत ऐसे उतारूंगा कि जिस BL पर इसे इतना घमंड है न, वो सारी BL किताबें ये खुद जला कर राख करेगा।"
इतने में उसके किसी और दोस्त ने उसे कंधे पर हाथ रख कर सामने की ओर देखते हुए कहा, "लेकिन ये था कौन यार?"
दूसरे लड़के ने अपने कंधे उठा कर कहा, "पता नहीं, यार। पहले कभी इसे यहां देखा नहीं।"
आरव ने कहा, "लगता है किसी और शहर से आया है।"
तभी उसके दोस्त ने कहा, "लगता नहीं है, गारंटीड ये किसी और शहर से ही है वरना तुझे यहां कौन नहीं जानता है जो तेरे सामने ऐसी बात करें।"
उसके दूसरे दोस्त ने भी कहा, "बिल्कुल! जो डार्क रोमांस के गॉड, आरव शर्मा को नहीं जानता वो इस शहर से हो ही नहीं सकता।"
कुछ देर बाद,
मास्क वाला लड़का प्रिंसिपल ऑफिस से निकल कर अपने क्लास की ओर बढ़ गया और वो थी MSc फर्स्ट ईयर की क्लास। वो किसी से भी एक शब्द कहे बिना, सीधे जाकर लास्ट बेंच पर बैठ गया।
अभी क्लास में ज्यादा भीड़ नहीं थी। उसने अपनी डायरी खोली और उस पर कुछ लिखने लगा। धीरे-धीरे करके पूरी क्लास बच्चों से भर गई लेकिन उसे लड़के ने किसी से भी एक शब्द तक नहीं कहा।
वो चुपचाप अपना काम करता रहा। कुछ ही देर में प्रोफेसर भी क्लास में आ गए। उन्होंने आते ही खुद को इंट्रोड्यूस किया और फिर सबका इंट्रोडक्शन लेना शुरू किया।
सबसे आखिर में नंबर आया उस लड़के का। वो लड़का खड़ा हुआ तो प्रोफ़ेसर ने कहा, "तुम्हारा दम नहीं घुटता क्या इस मास्क में! कम से कम क्लास में तो इसे उतार दो।"
उस लड़के ने साफ शब्दों में कहा, "I am not comfortable, sir."
ये सुन कर प्रोफेसर की आंखें छोटी हो गईं लेकिन फिर उन्होंने कुछ सोच कर कहा, "ठीक है लेकिन अपना इंट्रोडक्शन तो दो।"
उस लड़के ने एक नज़र सबकी ओर देख कर कहा, "Hello everyone, I am Sanidhya Sinha. B.Sc. Graduate from IGNOU."
किसी ने फुसफुसा कर कहा, "यार, ये तो वही बंदा है जो आते ही सीनियर्स से पंगे ले रहा था।"
उसका जवाब देते हुए किसी ने कहा, "हाँ, सुना है हाथ लगाए बिना उस वरुण को धूल चटा दी इसने।"
सानिध्य ने सबकी बातों को अनसुना किया और प्रोफेसर से कहा, "Sir, May I sit now?"
प्रोफेसर ने भी हाँ में सिर हिलाया और पढ़ाना शुरू कर दिया। सानिध्य चुपचाप अपनी किताब खोल कर बैठ गया।
वहीं पीछे बैठी एक लड़की ने अपनी दोस्त से कहा, "यार, कितना अजीब है ये! मास्क पहनता है, किसी से बात भी नहीं करता और ऊपर से इतनी कोल्ड वाईब्स!"
उसकी दोस्त ने कहा, "मुझे तो लगता है, इसका ऊपर वाला माला हिला हुआ होगा तभी तो इस पूरे यूनिवर्सिटी की शान, आरव शर्मा से पंगे लिए हैं इसने।"
जारी है...